Hindi diwas- भारत देश एक विभिन्न भाषाओं का देश है ,हिंदी भाँषा लगभग एक हजार वर्ष पुराना माना गया है। सामान्यतः प्राकृत की अन्तिम अपभ्रंश अवस्था से ही हिन्दी साहित्य का आविर्भाव स्वीकार किया जाता है.
अमितशाह ने ट्वीट करके देशवासियों को बधाई दी और बोले भारत विभिन्न भाँषाओ का देश है और हर भाँषा का अपना महत्व है परंतु पूरे देश की एक भाँषा होना अत्यन्त आवश्यक है जिससे पूरे विश्व मे भारत की पहचान बने , आज देश को एकता के डोर में बांधने का काम कर सकती है तो वो सर्वाधिक बोले जाने वाली भाषा हिंदी है .
योगी आदित्यनाथ - राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोकर अनेकता में एकता के मूल्यों को स्थापित करने वाली हिंदी भाँषा हमारा सम्मान ही नही अपितु अभिमान भी है
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| On the day of Hindi Day, gave a message to the nation - Amitabh Bachchan, PM Narendra Modi, Amit Shah. |
हिंदी दिवस के मौके पर अमिताभ बच्चन ने बतायी ये बात-
हिंदी दिवस के मौके पर अमिताभ बच्चन ने अपने पिता हरिवंशराय बच्चन जो इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रोफेसर भी रहे थे हिन्दी कविता के उत्तर छायावाद काल के प्रमुख कवियों मे से एक थे,उनकी सबसे प्रसिद्ध कृति है मधुशाला अमिताभ बच्चन ने अपने पिता हरिवंशराय बच्चन की कविता मधुशाला सुनाते हुुये बताया कि हिंदी बहुत ही सुंदर भाँषा है और हिंदी भाँषा को राष्ट्रीय भाँषा का दर्जा मिलना चाहिए ताकि हिंदी भाँषा से भारत पूरे विश्व मे जाना जाए.और अपने पिता की लिखी हुई ये मधुशाला कविता पढ़ते हुए-
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| हरिवंशराय बच्चन की प्रसिद्ध कृति मधुशाला |
दी देश वासियों को ढेर सारी बधाईयाँ
Pm नरेंद्र मोदी -
Pm नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर देशवासियों को हिंदी दिवस की बधाई देते हुए लिखे सरलता,शाहजता और शालीनता अभिव्यक्ति को सार्थक प्रदान करती है ,हिंदी ने इन पहलुओं को खूबसूरती से समाहित किया है.
ट्वीट
अमितशाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्य नाथ योगी ने क्या लिखा?-
अमितशाह ने ट्वीट करके देशवासियों को बधाई दी और बोले भारत विभिन्न भाँषाओ का देश है और हर भाँषा का अपना महत्व है परंतु पूरे देश की एक भाँषा होना अत्यन्त आवश्यक है जिससे पूरे विश्व मे भारत की पहचान बने , आज देश को एकता के डोर में बांधने का काम कर सकती है तो वो सर्वाधिक बोले जाने वाली भाषा हिंदी है .
योगी आदित्यनाथ - राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोकर अनेकता में एकता के मूल्यों को स्थापित करने वाली हिंदी भाँषा हमारा सम्मान ही नही अपितु अभिमान भी है





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